- पार्टी में बगावत के बाद एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अजित पवार समेत 9 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए…
- इसी तरह अब अजित पवार के पक्ष में खड़े Praful Patel ने ज़ी 24 को दिए गए ब्लैक एंड व्हाइट में बड़े…
- प्रफुल्ल पटेल ने कहा, पिछले कुछ दिनों से पार्टी में इसकी चर्चा चल रही थी।
Maharashtra: Praful Patel का बड़ा सीक्रेट धमाका। देखा गया है कि NCP में बड़ी फूट पड़ गई है। पार्टी में बगावत के बाद एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अजित पवार समेत 9 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र दिया है।
इसी तरह अब अजित पवार के पक्ष में खड़े Praful Patel ने ज़ी 24 को दिए गए ब्लैक एंड व्हाइट में बड़े गुप्त विस्फोट किए हैं।
कब लिया बीजेपी के साथ जाने का फैसला?
ऐसा सवाल प्रफुल्ल पटेल से पूछा गया। प्रफुल्ल पटेल ने कहा, पिछले कुछ दिनों से पार्टी में इसकी चर्चा चल रही थी। कई लोग बीजेपी के साथ जाना चाहते थे। हमने कोई अलग रुख नहीं अपनाया है।

यह निर्णय रातोरात नहीं लिया गया। सभी ने एक पार्टी के रूप में निर्णय लिया, विधायक और पदाधिकारी सभी वहां मौजूद थे।
शरद पवार के बारे में क्या कहा:
एक साल से थी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा प्रफुल्ल पटेल ने खुलासा किया है कि पवार इस प्रक्रिया में नहीं थे। शरद पवार मेरे गुरु हैं।
मैं शरद पवार पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। शरद पवार हमारे परिवार के मुखिया हैं। प्रफुल्ल पटेल ने यह भी कहा है कि शरद पवार मुझसे नाराज नहीं होंगे। जयंत पाटिल के पास बिल्कुल कोई अधिकार नहीं है। प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि उनका चयन चुनाव प्रक्रिया से नहीं हुआ है।
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क्या आपको केंद्र में मंत्री पद मिल रहा है?
ऐसा सवाल प्रफुल्ल पटेल से पूछा गया। उस वक्त उन्होंने महाराष्ट्र के लिए ये फैसला लिया है। इसलिए मेरे मंत्री पद की कोई चर्चा नहीं है, ऐसा प्रफुल्ल पटेल ने कहा है।
इस बीच शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई के तुरंत बाद अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
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Praful Patel ने कहा था कि शरद पवार को हमें पार्टी से बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अजित पवार की बगावत के पीछे प्रफुल्ल पटेल का हाथ है।
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