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पंकजा मुंडे बनाम बजरंग सोनवणे Beed Lok Sabha चुनावों के नतीजों के लिए तंत्र तैयार, कैसी होगी प्रक्रिया?

बीड: Beed Lok Sabha में इस बार बीड संसदीय क्षेत्र में अच्छा मतदान देखने को मिला। महायुति की उम्मीदवार पंकजा मुंडे के लिए एकतरफा लग रहा चुनाव आखिरी चरण में गतिरोध में बदल गया।

Beed Lok Sabha इस संसदीय क्षेत्र में जातीय तनाव देखने को मिला। इसलिए यहां के जानकारों का कहना है कि चुनाव मतदान में भी जाति के आधार पर वोट बंटे थे।

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बजरंग सोनवाने ने लगाया आरोप:

इस बीच महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार बजरंग सोनवाने ने आरोप लगाया कि महायुति के उम्मीदवार के लिए दबाव तकनीक का इस्तेमाल करके निर्वाचन क्षेत्र में फर्जी मतदान कराया गया।

उन्होंने यह भी मांग की कि कलेक्टर और तहसीलदार को मतगणना प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

मतगणना प्रक्रिया की तैयारियां:

अब कलेक्टर दीपा मुधोल-मुंडे ने चुनाव के मतों की गिनती की तैयारी की है और आज संदर्भ की समीक्षा की। सांप्रदायिक संघर्ष के कारण बड़ी चर्चा में आए बीड लोकसभा चुनाव की मतगणना प्रक्रिया की तैयारियां इस समय युद्ध स्तर पर चल रही हैं।

बीड जिले में न केवल उम्मीदवारों पर आरोप लगे हैं, बल्कि उम्मीदवारों ने बीड के जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाए हैं।

लोकसभा उम्मीदवार बजरंग सोनवाने ने क्या कहा?

बीड से एनसीपी के लोकसभा उम्मीदवार बजरंग सोनवाने ने चुनाव निर्णय अधिकारी तक को बदलने की मांग की है। होने जा रहे इस लोकसभा चुनाव की मतगणना प्रणाली की फिलहाल युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है।

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बीड जिले में कुल छह विधानसभा क्षेत्र हैं और इनमें से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतगणना की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 मतगणना टेबल रखी गई हैं। इन 14 टेबलों पर मतगणना का एक राउंड पंद्रह मिनट में पूरा होगा। प्रत्येक टेबल पर तीन कर्मचारी होंगे।

Beed Lok Sabha पोस्टल वोटिंग की गिनती:

क्या कहा कलेक्टर ने छह विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी एकत्र करने के बाद लोकसभा क्षेत्रों की मतगणना की घोषणा की जाएगी। सबसे पहले पोस्टल वोटिंग की गिनती होगी और बीड में करीब 6 हजार मतदाताओं की गिनती पोस्टल से होगी।

कलेक्टर दीपा मुधोल-मुंडे ने कहा कि यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है, उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है इस वर्ष यहां के चुनाव में मराठा और ओबीसी के बीच टकराव देखने को मिला।

अनशनकारी मनोज जरांगे पाटिल का गृह जिला होने और मराठा आरक्षण का केंद्र बनने के कारण मराठा समाज एकजुट नजर आया। इसलिए यहां का चुनाव जातिगत समीकरण के आधार पर होने के कारण हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि इस वर्ष विजेता कौन होगा।

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कुछ महत्वपूर्ण बिंदु मतगणना के दौरान:

डाक गणना का जो भी चरण चल रहा होगा, मशीन से गणना जारी रहेगी। जब तक ENCORE सॉफ्टवेयर में डेटा एंट्री पूरी नहीं हो जाती, तब तक अंतिम परिणाम जारी नहीं किए जाएंगे।

यदि जीत का अंतर कुल डाक मतों से कम है, तो उम्मीदवार द्वारा अनुरोध न किए जाने पर भी डाक मतपत्रों की दोबारा गणना की जाएगी।

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इस समय अवैध डाक मतपत्रों की भी चुनाव रिटर्निंग अधिकारी और चुनाव निरीक्षक के सामने एक बार फिर जांच की जाएगी। चुनाव निरीक्षक और चुनाव निर्णय अधिकारी की संतुष्टि के बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा।

मतगणना के बाद कंट्रोल यूनिट को सील करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मतगणना के बाद कंट्रोल यूनिट को बंद करना होता है। परिणाम वाले हिस्से को दिए गए एड्रेस टैग से सील करना होता है। बैटरी सेक्शन में पावर पैक को न निकाल दिया जाता हैं।

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बैटरी सेक्शन को चुनाव आयोग द्वारा दी गई गुप्त सील से सील करना होगा। कंट्रोल यूनिट को उसके कैरी केस में रखें और उस पर एड्रेस टैग लगाकर सील करें। उम्मीदवार या उसके प्रतिनिधि को अगर वह चाहे तो सील पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

VVPAT को भी इसी तरह सील किया जाना चाहिए। VVPAT पर्ची का रबर बैंड निकालें और फिर पर्ची को ड्रॉप बॉक्स में रखें। VVPAT की सभी गिने हुए पर्चियों और अन्य पर्चियों को VVPAT के ड्रॉप बॉक्स में रखने के बाद ड्रॉप बॉक्स का ढक्कन सील किया जाना चाहिए।

VVPAT डिवाइस को उसके कैरी केस में रखें और एड्रेस टैग से सील करें।

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