- कोलकाता: Quad Foreign Ministers Meeting और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली मार्को रूबियो की भारत यात्रा ने सबका ध्यान खींचा…
- US Secretary of State मार्को रूबियो (Marco Rubio) की भारत यात्रा शुरू हो चुकी है।
- US Ambassador to India सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने कोलकाता एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
कोलकाता: Quad Foreign Ministers Meeting और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली मार्को रूबियो की भारत यात्रा ने सबका ध्यान खींचा है।
US Secretary of State मार्को रूबियो (Marco Rubio) की भारत यात्रा शुरू हो चुकी है। US Ambassador to India सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने कोलकाता एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। यह यात्रा Quad Foreign Ministers Meeting के लिए दिल्ली पहुंचने से पहले की गई है। दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती और भविष्य की साझेदारी का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर भावुक स्वागत
US Ambassador Sergio Gor ने अपने मित्र Marco Rubio को भारत में स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देश President Trump की विजन के अनुसार मजबूत साझेदारी बढ़ाएंगे। Quad (क्वाड) में शामिल चार देश – भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया – इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए काम कर रहे हैं।

इस यात्रा में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत-अमेरिका संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों देश लोकतंत्र के मूल्यों पर विश्वास रखते हैं। Prime Minister Narendra Modi और President Trump के नेतृत्व में यह संबंध और मजबूत हुए हैं।
Quad Foreign Ministers Meeting का महत्व
Quad Foreign Ministers Meeting 26 मई 2026 को दिल्ली में होगा। इसमें External Affairs Minister S Jaishankar, Marco Rubio, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री शामिल होंगे।

यह बैठक Free and Open Indo-Pacific (स्वतंत्र और खुला इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र बनाने पर केंद्रित होगी। क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को देखते हुए यह बैठक दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। US-India Partnership (अमेरिका-भारत साझेदारी) अब सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा और प्रौद्योगिकी में भी गहरी हो रही है।
दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे
Marco Rubio की यात्रा के दौरान trade (व्यापार), defence cooperation (रक्षा सहयोग) और energy security (ऊर्जा सुरक्षा) पर फोकस रहेगा।
भारत रूस से तेल खरीदता रहा है, जिस पर अमेरिका कभी-कभी सवाल उठाता है। लेकिन दोनों देश व्यावहारिक समाधान ढूंढ रहे हैं। iCET (Initiative on Critical and Emerging Technology) जैसी पहल से प्रौद्योगिकी साझेदारी बढ़ रही है। defence क्षेत्र में GE F414 इंजन, MQ-9B ड्रोन और अन्य परियोजनाएं दोनों देशों को मजबूत बना रही हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि दोनों देश के लोग एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान करते हैं। लाखों भारतीय अमेरिका में सफलता पा रहे हैं और अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश कर रोजगार सृजन कर रही हैं।
कोलकाता से दिल्ली तक की यात्रा
Marco Rubio की यात्रा कोलकाता से शुरू हुई है। यहां से वे दिल्ली जाएंगे, जहां Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात संभव है। यात्रा के दौरान आगरा और जयपुर जैसे शहरों का दौरा भी हो सकता है।
यह यात्रा सिर्फ औपचारिक नहीं है। यह दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का संदेश देती है। कुछ समय पहले व्यापारिक टैरिफ और अन्य मुद्दों पर तनाव था, लेकिन अब रीसेट (reset) की कोशिश हो रही है।
US Ambassador Sergio Gor ने कहा कि President Trump भारत और PM Modi की बहुत परवाह करते हैं। पूरी अमेरिकी दूतावास टीम इस यात्रा को सफल बनाने के लिए उत्साहित है।
भारतीय जनता की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर भारतीयों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। कुछ लोग स्वागत समारोह को साधारण बताते हैं तो कुछ इसे सामान्य कूटनीति मानते हैं।

X (Twitter) पर @USAmbIndia के पोस्ट पर हजारों प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने मजबूत संबंधों की उम्मीद जताई तो कुछ ने क्षेत्रीय मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।
भविष्य की संभावनाएं
Quad के जरिए Indo-Pacific में चीन की बढ़ती गतिविधियों का सामना करने की रणनीति बन रही है। भारत की Act East Policy और अमेरिका की Indo-Pacific Strategy एक-दूसरे को पूरक बनाती हैं।defence में संयुक्त अभ्यास, trade में नई डील और technology में सहयोग से दोनों देश लाभान्वित होंगे। climate change (जलवायु परिवर्तन), clean energy (स्वच्छ ऊर्जा) और healthcare जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ सकता है।
मजबूत साझेदारी का भरोसा
Marco Rubio की यह यात्रा US-India Relations को नई दिशा देगी। दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे। Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर मजबूत कदम बढ़ा रहा है। America भी भारत को विश्वसनीय साझेदार मानता है।
यह यात्रा सिर्फ राजनयिक नहीं, बल्कि दो महान देशों के लोगों के बीच साझा सपनों का प्रतीक है।




