- बीड (महाराष्ट्र): Royal wedding भारतीय संस्कृति में विवाह को सोलह संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।
- यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के संस्कारों और परंपराओं का संगम होता है।
- इसी पावन परंपरा का भव्य स्वरूप हाल ही में बीड जिले में देखने को मिला।
बीड (महाराष्ट्र): Royal wedding भारतीय संस्कृति में विवाह को सोलह संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के संस्कारों और परंपराओं का संगम होता है। इसी पावन परंपरा का भव्य स्वरूप हाल ही में बीड जिले में देखने को मिला। जिले के प्रतिष्ठित साळुंके और खेत्रे परिवार के बीच एक नया वैवाहिक अध्याय शुरू हुआ है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।

बीड जिले के नागापूर (खुर्द) निवासी सौ. मिना और श्री साईनाथ वंचेराम साळुंके की ज्येष्ठ सुपुत्री चि.सौ.कां. ज्योती और वाहेगाव (आमला) निवासी सौ. मुक्ता और श्री आत्माराम देवराव खेत्रे के ज्येष्ठ चिरंजीव चि. सतिश का शुभ विवाह अत्यंत उत्साहपूर्ण और मंगलमय वातावरण में संपन्न हुआ।
भव्य आयोजन और विवाह स्थल
यह भव्य आयोजन बीड के बार्शी रोड पर स्थित ‘आशीर्वाद लॉन्स’ में आयोजित किया गया था। वैशाख शुद्ध एकादशी (बुधवार, 13 मई 2026) के पावन मुहूर्त पर, दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार और सनई के मधुर स्वरों के बीच यह विवाह संपन्न हुआ। आशीर्वाद लॉन्स के विशाल प्रांगण को फूलों और विद्युत रोशनी से इस प्रकार सजाया गया था कि वहां का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और उल्लासमय प्रतीत हो रहा था।

प्रशासनिक और राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा
इस विवाह समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ उमड़ी विशिष्ट अतिथियों की भारी भीड़ रही। प्रशासन और राजनीति के क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने उपस्थित होकर नवदंपत्ति को अपना आशीर्वाद दिया।
- राजनीतिक उपस्थिति: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (OBC विभाग) महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष और सावता परिषद के संस्थापक अध्यक्ष सन्माननीय कल्याण काका आखाडे ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। साथ ही, अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष अॅड. सुभाष राऊत साहेब ने भी नवविवाहित जोड़े को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
- प्रशासनिक और पुलिस विभाग: पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस समारोह को और भी प्रभावशाली बना दिया। इसमें गेवराई के उपविभागीय पुलिस अधिकारी (D.Y.S.P.) श्री अनिल कटके साहेब, जालना A.C.B. की कोमल शिंदे मैडम (P.I.), और गेवराई D.Y.S.P. ऑफिस के राजेश गडवे साहेब (A.P.I.) शामिल थे।
- स्थानीय प्रशासन: गेवराई पुलिस स्टेशन के प्रभारी किशोर पवार साहेब (P.I.), संतोष जंजाळ साहेब (A.P.I.), और लंके साहेब (A.P.I.) भी यहाँ मौजूद रहे। तलवाडा पुलिस स्टेशन से निलंगेकर साहेब (A.P.I.), अम्मलदास सर (P.S.I.) और स्वप्नील कोळी साहेब (P.S.I.) ने भी समारोह में शिरकत की।
- युवा नेतृत्व: युवा उद्योजक और गणराज पाइप्स के संचालक श्री संतोष उपरे सर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
हल्दी समारोह और पारंपरिक रस्में
विवाह की मुख्य रस्मों से पूर्व, 12 मई 2026 को हल्दी समारोह का आयोजन किया गया था। “सोनियाच्या पावलांनी, मेहंदीच्या हाताने” की भावना के साथ हल्दी की रस्म पूरी की गई, जिसमें परिवार की महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए। हल्दी के पीले रंग और ढोल-ताशों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया था।
Our beloved Jyoti left for her in-laws' house today… There are tears in my eyes, but I'm confident she'll spread happiness there too. Stay happy, son!
Jyoti isn't just our niece, she's our daughter. The wedding went very well. Best wishes for your new life!#Royalwedding pic.twitter.com/eO5gad1BMh— Hindi Vishwa News (@HindiVishwaNews) May 14, 2026
कुशल प्रबंधन और परिवार का योगदान
इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने में साळुंके और खेत्रे परिवार के प्रत्येक सदस्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यवाहक के रूप में श्री दत्ता साळुंके, श्री दिगंबर खेत्रे, श्री रामेश्वर (आबा) साळुंके (म.न.से., बीड), श्री दिपक साळुंके, श्री राहुल साळुंके, श्री हनुमान साळुंके और श्री समाधान घोडके ने अथक परिश्रम किए। व्यवस्थापन की पूरी जिम्मेदारी समस्त गावकऱ्यांनी (नागापूर खुर्द) मिलकर निभाई, जो ग्रामीण एकता का एक अनुपम उदाहरण रहा।
बच्चों का निश्छल आमंत्रण
इस विवाह समारोह का एक और आकर्षण विवाह पत्रिका में छपा बच्चों का प्यार भरा संदेश था। कु. आरुषी, अनन्या, आरोही और अन्य बच्चों ने अपनी “दीदी” की शादी के लिए, वहीं कु. स्वरा, श्रमिक और आनुष ने अपनी “मौसी” की शादी के लिए जो आग्रह किया था, उसे मानकर सैकड़ों मेहमानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भोजन और विदाई
विवाह की रस्मों के समापन के बाद उपस्थित सभी अभ्यागतों के लिए भव्य महाप्रसाद (भोज) का आयोजन किया गया था। मेहमानों का स्वागत महाराष्ट्र की पारंपरिक ‘अतिथि देवो भव:’ संस्कृति के अनुरूप किया गया। अंत में, उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने चि. सतिश और चि.सौ.कां. ज्योती को उनके नए जीवन के लिए सफल और मंगलमय होने की प्रार्थना की।
यह विवाह समारोह अपनी भव्यता, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और दो परिवारों के अटूट प्रेम के कारण लंबे समय तक बीड वासियों के स्मृति में बना रहेगा।
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