- जकार्ता, 7 जुलाई 2026: Prime Minister Narendra Modi ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद (DPR-RI) को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया…
- यह Narendra Modi Indonesia Visit 2026 का महत्वपूर्ण हिस्सा था, जो तीन देशों की राजकीय यात्रा (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) का पहला…
- Modi ने कहा, “It is an honour to address the Indonesian Parliament.
जकार्ता, 7 जुलाई 2026: Prime Minister Narendra Modi ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद (DPR-RI) को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और जन-जन संबंधों को रेखांकित किया। यह Narendra Modi Indonesia Visit 2026 का महत्वपूर्ण हिस्सा था, जो तीन देशों की राजकीय यात्रा (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) का पहला पड़ाव है।
Modi ने कहा, “It is an honour to address the Indonesian Parliament. भारत और इंडोनेशिया सदियों से इतिहास, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों से जुड़े हुए हैं। साथ मिलकर हम मित्रता, सहयोग और साझा समृद्धि पर आधारित भविष्य की दिशा में काम करेंगे।”

यह संबोधन Comprehensive Strategic Partnership को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसे 2018 में दोनों देशों ने स्थापित किया था।
लाल कालीन स्वागत और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो से मुलाकात
PM Modi का इंडोनेशिया में भव्य स्वागत हुआ। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान का एस्कॉर्ट किया। राष्ट्रपति Prabowo Subianto ने हवाईअड्डे पर red carpet welcome दिया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की और रक्षा, समुद्री सुरक्षा तथा व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
इस यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने PM Modi को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bintang Adipurna प्रदान किया, जिसे Modi ने भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित किया।
Modi और Prabowo Subianto की बैठक में BrahMos मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद, Astra Mk1 मिसाइल का पहला विदेशी ग्राहक बनना, Sabang Port का विकास और कोस्ट गार्ड सहयोग जैसे मुद्दों पर सहमति बनी।
संसद संबोधन की मुख्य बातें
PM Modi ने अपने संबोधन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- साझा सांस्कृतिक विरासत: रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों का दोनों देशों में गहरा प्रभाव। Wayang कठपुतली और Bharatanatyam जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उल्लेख।
- Golden Chapter in India-Indonesia relations: दोनों देशों के बीच नए युग की शुरुआत।
- Indo-Pacific क्षेत्र में मुक्त, खुले और समावेशी दृष्टिकोण पर जोर।
- Counter-terrorism और खुफिया जानकारी साझा करने में सहयोग।
- Pahalgam terror attack के बाद इंडोनेशिया के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
- रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी में साझेदारी बढ़ाने का आह्वान।
- MAHASAGAR विजन और Act East Policy के तहत क्षेत्रीय सहयोग।
Modi ने कहा कि भारत विकास के मार्ग पर चलता है, विस्तारवाद नहीं। यह संदेश चीन को भी अप्रत्यक्ष रूप से संबोधित माना जा रहा है।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों का महत्व
Now is a new era in the India-Indonesia partnership. And, it can be achieved through the Ganga-Mahakam vision, which emphasises:
Civilisational Connect.
Shared Development.
Security and Strategic Trust.
Maritime Prosperity.
Voice of the Global South. pic.twitter.com/u3AUyHKz9i
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
भारत और इंडोनेशिया दोनों लोकतांत्रिक देश हैं, जिनकी आबादी बहुत बड़ी है। दोनों देश ASEAN और G20 जैसे मंचों पर सक्रिय हैं। समुद्री मार्गों (Strait of Malacca के पास) के कारण रणनीतिक महत्व बहुत अधिक है।
Key Areas of Cooperation:
- रक्षा: BrahMos, Astra मिसाइलें
- समुद्री सुरक्षा: Sabang Port विकास
- आतंकवाद विरोधी: खुफिया साझेदारी
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: पर्यटन और शिक्षा
- आर्थिक: व्यापार और निवेश बढ़ाना
तीन देशों की यात्रा का महत्व
Narendra Modi Indonesia Visit के बाद PM Modi ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाएंगे। यह यात्रा Indo-Pacific रणनीति को मजबूत करने, क्वाड जैसे गठबंधनों को समर्थन देने और चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
PM Narendra Modi का इंडोनेशिया संसद संबोधन भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है। Comprehensive Strategic Partnership, Indo-Pacific सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति मिली है। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि लाने में भी मदद करेगी।




