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Vikram-1 Launch Skyroot Aerospace: भारत ने रचा नया इतिहास, पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च।

Vikram-1 Launch Skyroot Aerospace: भारत का गौरवपूर्ण क्षण, पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च। 18 जुलाई 2026 को भारत के स्पेस सेक्टर में एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। हैदराबाद स्थित स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने अपने Vikram-1 रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। यह भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च है, जिसने देश को अमेरिका और चीन के बाद तीसरा ऐसा राष्ट्र बना दिया जहां निजी कंपनियां ऑर्बिटल लॉन्च कर सकती हैं।

Vikram
Vikram-1 रॉकेट लॉन्च पैड पर तैयार स्थिति में (Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota)

Skyroot Aerospace द्वारा संचालित Aagaman Mission (संस्कृत में “आगमन” का अर्थ) ने Satish Dhawan Space Centre (SDSC), Sriharikota से उड़ान भरी। लॉन्च के बाद रॉकेट ने सभी महत्वपूर्ण माइलस्टोन्स को पार किया और निर्धारित समय पर पेलोड्स को Low Earth Orbit (LEO) में सफलतापूर्वक तैनात कर दिया।

Vikram-1 क्या है और क्या करता है?

Vikram-1 चार स्टेज वाला छोटा सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल है। इसकी ऊंचाई लगभग 24 मीटर है और यह Low Earth Orbit (LEO) में लगभग 350 किलोग्राम पेलोड ले जाने में सक्षम है। पहली स्टेज सॉलिड रॉकेट मोटर पर आधारित है, जो इसकी विश्वसनीयता बढ़ाती है।

Aagaman Mission मुख्य रूप से टेस्ट फ्लाइट थी, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण पेलोड्स भी शामिल थे। इनमें शामिल हैं:

  • DCUBED (जर्मनी) की टेक्नोलॉजी डेमो
  • Grahaa Space (भारत) का Solaras S3 नैनोसैटेलाइट
  • Cosmoserve Space (भारत) का Embrace रोबोटिक आर्म (स्पेस डेब्रिस कैप्चर के लिए)
  • Skyroot का अपना SCOPE सैटेलाइट (परफॉर्मेंस डेटा कलेक्शन के लिए)
  • सांकेतिक पेलोड्स जैसे 18 कैरेट गोल्ड रॉकेट और lab-grown diamond “Cosmic Bloom”
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Vikram-1 रॉकेट का सफल लॉन्च – आग और धुएं के साथ आसमान की ओर बढ़ता हुआ।

मिशन डायरेक्टर ने घोषणा की कि “The Vikram-1 Aagaman mission is a grand success”। पूरा मिशन सिर्फ 17 मिनट में पूरा हो गया और सभी पेलोड्स निर्धारित कक्षा में पहुंच गए।

Skyroot Aerospace के बारे में:

Skyroot Aerospace की स्थापना 2018 में पूर्व ISRO वैज्ञानिकों Pawan Kumar Chandana और Naga Bharath Daka ने की थी। कंपनी ने पहले 2022 में Vikram-S सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करके स्पेस पहुंचने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बनने का गौरव हासिल किया था।

CEO Pawan Kumar Chandana ने कहा कि यह टीम की वर्षों की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने छोटे सैटेलाइट लॉन्च मार्केट की बढ़ती डिमांड का जिक्र करते हुए भविष्य की योजनाओं का संकेत दिया।

CEO Pawan Kumar
Skyroot Aerospace के को-फाउंडर और CEO Pawan Kumar Chandana. Image source:Skyroot

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Skyroot टीम को बधाई दी और इसे भारत की स्पेस जर्नी का defining milestone बताया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी नई सीमाओं को तोड़ रही है और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित कर रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस उपलब्धि को PM मोदी के स्पेस सेक्टर सुधारों का नतीजा बताया।

इस लॉन्च का महत्व:

  • भारत अब private orbital launch capability वाले देशों में शामिल
  • NewSpace India नीति को मजबूती
  • युवा उद्यमियों और इंजीनियरों के लिए प्रेरणा
  • ISRO के साथ निजी क्षेत्र का सफल सहयोग
  • भविष्य में सस्ते और बार-बार लॉन्च की संभावना

Skyroot Aerospace की यह सफलता न केवल तकनीकी उपलब्धि है बल्कि भारत की बढ़ती स्पेस इकोनॉमी का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में ऐसी और कंपनियां उभरेंगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा।

Vikram-1 Launch ने साबित कर दिया कि भारतीय प्रतिभा और उद्यमशीलता विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती है। Skyroot Aerospace की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। भारत का स्पेस सेक्टर अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

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