- इस्लामाबाद, 6 फरवरी 2026: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित शिया इमामबारगाह कासर-ए-खदीजातुल कुबरा में जुमा की नमाज…
- प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर को मुख्य द्वार पर रोका गया था, जहां उसने खुद को उड़ा लिया।
- इससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन हमले ने पाकिस्तान में Sectarian Violence की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है।
इस्लामाबाद, 6 फरवरी 2026: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित शिया इमामबारगाह कासर-ए-खदीजातुल कुबरा में जुमा की नमाज के दौरान एक Suicide Bombing हुआ, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर को मुख्य द्वार पर रोका गया था, जहां उसने खुद को उड़ा लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन हमले ने पाकिस्तान में Sectarian Violence की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है।
यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब सैकड़ों नमाजी जुमा की नमाज अदा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इमामबारगाह का मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त हो गया, और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां Emergency घोषित कर दी गई। इस्लामाबाद के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है, और जांच जारी है।

Suicide Bombing की खबर फैलते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने घटना की निंदा की और शिया समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की। एक यूजर ने X पर पोस्ट करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।
لگا کے آگ شہر کو یہ بادشاہ نے کہا،
اٹھا ہے دل میں تماشے کا شوق بہت،
جھکا کے سر کو سبھی شاہ پرست بول اٹھے،
حضور کا شوق سلامت رہے شہر اور بہت۔#IslamabadBlast#islamabadAttack pic.twitter.com/Y6p4jfYePJ— 🐣چوچا سیٹھ🐣 (@umrbg) February 6, 2026
घटना के बाद बचाव दल और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को सुरक्षा गार्ड्स ने मुख्य सभागार में घुसने से पहले रोक लिया, जिससे बड़ी तबाही टल गई। हालांकि, विस्फोट में मुख्य द्वार के पास मौजूद लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स जैसे ARY News और Geo News ने लाइव कवरेज में दिखाया कि घटनास्थल पर खून से सने जूते और मलबा बिखरा पड़ा है।

यह हमला पाकिस्तान में Shia Community पर बढ़ते हमलों की एक कड़ी है। पिछले कुछ महीनों में इस्लामाबाद में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। नवंबर 2025 में जिला न्यायिक परिसर के बाहर एक Suicide Bombing में 12 लोग मारे गए थे, जिसकी जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। जनवरी 2026 में एक घरेलू गैस सिलेंडर विस्फोट में 8 लोग मारे गए। ये घटनाएं पाकिस्तान में Terrorism की जड़ों को उजागर करती हैं, जहां संप्रदायिक हिंसा और चरमपंथी समूह सक्रिय हैं।
Sectarian Divide पाकिस्तान की एक पुरानी समस्या है। शिया समुदाय, जो देश की आबादी का करीब 20% है, अक्सर लश्कर-ए-झंगवी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे सुन्नी चरमपंथी समूहों के निशाने पर रहता है। बलूचिस्तान और क्वेटा में हजारा शिया पर हमले आम हैं। 2014 की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बलूचिस्तान में शिया हजारा पर हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए। ऐसी घटनाएं न केवल मानवीय क्षति पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में विभाजन को गहरा करती हैं।
पाकिस्तानी सरकार ने हमले की निंदा की है और जांच के आदेश दिए हैं। प्रधान मंत्री ने कहा कि यह Terrorist Act देश की एकता को कमजोर नहीं कर सकता। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने पाकिस्तान से Security Measures मजबूत करने की अपील की है।

यह घटना पाकिस्तान में Religious Freedom की स्थिति पर सवाल उठाती है। शिया समुदाय लंबे समय से सुरक्षित पूजा स्थलों की मांग कर रहा है। हाल के वर्षों में क्वेटा चर्च हमले और पराचिनार कार बम विस्फोट जैसी घटनाएं हुई हैं, जहां दर्जनों लोग मारे गए।
अंत में, यह घटना हमें याद दिलाती है कि Unity ही आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। पाकिस्तान के लोग एकजुट होकर इस चुनौती का सामना कर सकते हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
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