Australian PM Albanese

Australian PM Albanese पर Sydney Mosque में Protest: Gaza विवाद ने मचाया हंगामा!

सिडनी की लाकेम्बा मस्जिद (Lakemba Mosque) में आज ईद अल-फित्र (Eid al-Fitr) की नमाज के दौरान ऑस्ट्रेलियन पीएम अलबानिज (Australian PM Albanese) और होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क (Tony Burke) को जोरदार हूटिंग का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग चिल्ला रहे हैं – “Genocide Supporter”, “Get Out” और “Shame on You”। क्या ये सिर्फ शब्दों का विरोध था या शरणार्थी मुस्लिम समुदाय की नाराजगी का बड़ा संकेत? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

घटना का पूरा सच – वीडियो में क्या दिखा?

    • वीडियो एक भरी हुई मस्जिद की प्रेयर हॉल में रिकॉर्ड किया गया है।
    • प्रधानमंत्री अल्बनीज और मिनिस्टर बर्क वहाँ बैठे हुए हैं।
    • कुछ लोग (प्रोटेस्टर्स) खड़े होकर चिल्लाने लगते हैं — “शेम!” (Shame!), “डिसग्रेस!” (Disgrace!), “जेनोसाइड सपोर्टर्स!” (Genocide supporters!), “गेट आउट!” (Get out!) जैसे नारे लगाते हैं।
    • माहौल तनावपूर्ण हो जाता है, लोग इशारे करते हैं, आवाजें तेज हो जाती हैं।
    • सिक्योरिटी स्टाफ (हाई-विज वेस्ट में) बीच में आते हैं, प्रोटेस्टर्स को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं।
    • एक प्रोटेस्टर को बाहर निकाला जाता है।
    • प्रधानमंत्री और मिनिस्टर को साइड/रियर एग्जिट से जल्दी निकाल लिया जाता है, ताकि बाहर इंतजार कर रहे बड़े भीड़ से बच सकें।

वीडियो लगभग 2 मिनट 22 सेकंड का है और काफी हलचल भरा है।

घटना का संक्षिप्त विवरण:

    • यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मस्जिद में ईद की सुबह की नमाज के दौरान हुआ।
    • प्रोटेस्ट मुख्य रूप से गाजा में इजराइल के ऑपरेशन और ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीति के खिलाफ थे।
    • ज्यादातर रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक छोटे ग्रुप (कुछ लोग) का प्रोटेस्ट था, जो भाषण के दौरान शुरू हुआ।
    • मस्जिद प्रशासन ने अल्बनीज की विजिट का बचाव किया है।
    • अल्बनीज ने बाद में कहा कि इवेंट “इनक्रेडिबली पॉजिटिव” था और ज्यादातर लोग स्वागत कर रहे थे। उन्होंने प्रोटेस्ट को “एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप” से जोड़ा।

लेकिन मुख्यधारा की मीडिया (Reuters, ABC News, The Guardian) ने स्पष्ट किया – कोई शारीरिक हमला नहीं हुआ। सिर्फ 15 मिनट बाद कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू की। अलबानिज ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा – “समग्र इवेंट ‘incredibly positive’ था।” वे जल्दी बाहर निकले, लेकिन कोई जान का खतरा नहीं था।

क्यों भड़का गुस्सा? गाजा (Gaza) का साया

ऑस्ट्रेलिया ने इजरायल का समर्थन किया है – हमास के 2023 हमले के बाद आत्मरक्षा का अधिकार माना। लेकिन गाजा में लाखों मौतों और लेबनान में हमलों पर चुप्पी बरती। लेबनानी मुस्लिम एसोसिएशन के सचिव गामेल खैर ने बयान पढ़ा जिसमें सरकार की नीति की आलोचना की गई। इसी दौरान कुछ पूजा करने वाले खड़े हो गए और नारे लगाए।

Sydney Mosque
Australian PM Albanese और Tony Burke लाकेम्बा मस्जिद में ईद अल-फित्र नमाज के दौरान बैठे हुए।

टोनी बर्क का निर्वाचन क्षेत्र वाटसन लाकेम्बा को कवर करता है। मुस्लिम समुदाय यहां काफी बड़ा है। ईद अल-फित्र के मौके पर यह विरोध और भी भावुक लग रहा था।

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते तनाव – इमिग्रेशन और सुरक्षा

सिडनी की यह लाकेम्बा मस्जिद ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मस्जिद (Mosque) है। हजारों लोग नमाज पढ़ते हैं। हाल के वर्षों में मुस्लिम शरणार्थी बढ़े हैं। लेकिन गाजा युद्ध ने यहां के मुस्लिम युवाओं को नाराज कर दिया। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस्लामोफोबिया भी बढ़ा है – मस्जिद को हाल ही में 4 खतरे मिले थे।

Lakemba Mosquej
लाकेम्बा मस्जिद का भव्य इंटीरियर – ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी Mosque

अलबानिज सरकार ने हिज्ब उत्तहरिर जैसे संगठनों पर बैन लगाया, जिसे कुछ लोग पसंद नहीं करते। विपक्ष इसे “extremism” से जोड़ रहा है।

पीएम का जवाब और मुस्लिम लीडर्स की प्रतिक्रिया

एंथोनी अलबानिज ने कहा – “हम भावनाओं को समझते हैं, लेकिन हिंसा कभी सही नहीं।” टोनी बर्क ने भी शांति की अपील की। लेबनानी मुस्लिम एसोसिएशन ने बयान दिया कि PM का आना “betrayal” नहीं था। एक प्रोटेस्टर को सिक्योरिटी ने बाहर निकाला, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया?

कई यूजर्स ने लिखा – “शरणार्थी नीति की कीमत!” लेकिन Grok और अन्य पोस्ट्स में स्पष्ट किया गया कि यह छोटा प्रोटेस्ट था, न कि हमला। Reuters ने वीडियो शेयर किया जिसमें सिर्फ नारेबाजी दिखी।

भारत और दुनिया के लिए सीख

ऑस्ट्रेलिया जैसे देश में मल्टीकल्चरलिज्म की परीक्षा हो रही है। गाजा युद्ध ने यूरोप-अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया सबको प्रभावित किया। Eid al-Fitr जैसे त्योहार पर राजनीति का घुसना चिंता का विषय है। क्या सरकार मुस्लिम समुदाय से और संवाद करेगी? या इमिग्रेशन नीति बदलेगी?

निष्कर्ष: इंसानी भावनाएं और राजनीति

आज का Sydney Mosque Protest सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि Gaza युद्ध की वैश्विक आंच है। Australian PM Albanese और Tony Burke को “Genocide Supporter” कहकर पुकारना दिखाता है कि मुस्लिम शरणार्थी अब चुप नहीं रहना चाहते। लेकिन अलबानिज का कहना है कि समुदाय ज्यादातर शांत था।

क्या यह Protest भविष्य में बड़े बदलाव का संकेत है? Lakemba Mosque जैसी जगहों पर शांति बनी रहे, यही कामना। ऑस्ट्रेलिया की मल्टीकल्चरल नीति की असली परीक्षा अब शुरू हो चुकी है।

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