- Erbil: Erbil Drone Attack ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
- इराक के कुर्दिस्तान में स्थित Italian Military Base Erbil पर 11 मार्च 2026 की रात को ड्रोन हमला (Drone Attack) हुआ।
- लेकिन अच्छी खबर ये है कि इटली के सभी सैनिक बंकर में सुरक्षित रहकर बच गए।
Erbil: Erbil Drone Attack ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इराक के कुर्दिस्तान में स्थित Italian Military Base Erbil पर 11 मार्च 2026 की रात को ड्रोन हमला (Drone Attack) हुआ। लेकिन अच्छी खबर ये है कि इटली के सभी सैनिक बंकर में सुरक्षित रहकर बच गए। कोई हताहत नहीं हुआ।
इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने तुरंत बयान जारी कर अपनी सरकार और व्यक्तिगत स्तर पर सैनिकों के प्रति एकजुटता जताई। यह घटना Middle East Crisis के बीच हुई है, जहां ईरान के जवाबी हमले अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर हो रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण (Incident Details)
रात करीब 1 बजे Erbil (एरबिल) स्थित Camp Singara नामक Italian Military Base पर ड्रोन हमला (Drone Attack) हुआ। शुरुआत में इसे मिसाइल अटैक बताया गया, लेकिन बाद में डिफेंस मिनिस्ट्री ने पुष्टि की कि यह ड्रोन था। हमले में एक लॉजिस्टिक वाहन क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन इटली के करीब 300 सैनिक पहले से ही अलर्ट पर थे और बंकर में चले गए थे।

Defense Minister Guido Crosetto ने बताया कि वे बेस कमांडर से लगातार संपर्क में हैं। कोई कैजुअल्टी नहीं हुई। Foreign Minister Antonio Tajani ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “हमला अस्वीकार्य है। सभी सैनिक बंकर में सुरक्षित हैं।” यह हमला Iran Retaliation का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान समर्थित मिलिशिया या ड्रोन सक्रिय हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ड्रोन जानबूझकर इटली के बेस पर नहीं गिराया गया हो सकता है – शायद ऊंचाई खोने के बाद।
Giorgia Meloni का भावुक बयान – सैनिकों की बहादुरी पर गर्व
Giorgia Meloni ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा: “मैं Erbil बेस पर हुई घटना पर लगातार नजर रखे हुए हूं। विदेश मंत्री तजानी और रक्षा मंत्री क्रोसेट्टो से संपर्क में हूं। सरकार और मेरी तरफ से हमारे सैनिकों को सॉलिडैरिटी और समर्थन। वे सब illesi (unharmed) हैं। इटली अपने सैनिकों के साहस और पेशेवरता पर गर्व करती है, जो रोजाना शांति और सुरक्षा के लिए कई संकट क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।”
Continuo a seguire con attenzione quanto accaduto alla nostra base di Erbil, sono in costante contatto con i ministri Tajani e Crosetto per monitorare la situazione. A nome del Governo e mio personale esprimo solidarietà e vicinanza ai nostri militari, rimasti illesi a seguito…
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) March 12, 2026
मेलोनी ने साफ कहा कि Italian Troops क्षेत्रीय स्थिरता के लिए वहां हैं – कुर्दिश सुरक्षा बलों (Peshmerga) को ट्रेनिंग देने के लिए। इटली Middle East Stability में योगदान दे रही है, लेकिन युद्ध में नहीं उतरना चाहती।

इटली की भूमिका और कुर्दिस्तान में 300 सैनिक
Italian Military Base Erbil में करीब 300 इटली सैनिक तैनात हैं। उनका मुख्य काम Kurdish Security Forces को ट्रेनिंग देना है। यह international coalition का हिस्सा है। हमले के बाद बेस कमांडर ने बताया कि एयर अलर्ट पहले ही एक्टिवेट हो चुका था, इसलिए सभी सुरक्षित रहे। इटली ने स्पष्ट किया कि वे Iran War में शामिल नहीं होंगे। प्रधानमंत्री मेलोनी पहले भी कह चुकी हैं – “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अपने सैनिकों और नागरिकों की सुरक्षा जरूर करेंगे।”
मध्य पूर्व संकट का बड़ा संदर्भ (Middle East Crisis Background)
यह घटना US-Israel vs Iran Conflict का नतीजा है। अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने drone and missile strikes किए हैं। इराक के कई ठिकानों – खासकर एरबिल एयरपोर्ट के पास – पर हमले हो चुके हैं। जर्मनी ने भी अपना कांसुलेट खाली कर दिया। कनाडा और इटली दोनों ने साफ कहा – “हम युद्ध में नहीं उतरेंगे।” फिर भी regional instability बढ़ रही है। इराकी कुर्दिस्तान सरकार ने बताया कि उनके इलाके में कई ड्रोन हमले रोके गए, लेकिन मटेरियल डैमेज हुआ।

भविष्य के प्रभाव और भारत के लिए सबक
Erbil Drone Attack से क्षेत्रीय शांति पर सवाल उठ रहे हैं। इटली अब जांच कर रही है कि हमला किसने किया – ईरान या प्रो-ईरान मिलिशिया। लेकिन मेलोनी सरकार का फोकस सैनिकों की सुरक्षा और peace mission पर है। इटली गल्फ देशों को एयर डिफेंस सपोर्ट भी भेज रही है।
भारत जैसे देशों के लिए यह geopolitical lesson है – मध्य पूर्व में तनाव से तेल कीमतें बढ़ सकती हैं। Italian Troops की बहादुरी हमें याद दिलाती है कि शांति के सिपाही कितने महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को सतर्क रहना होगा। शांति की कामना!




