mobile racket

दिल्ली में चोरी के Mobile फोन की नेपाल में तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश।

नई दिल्ली: मंगलवार, 04 अप्रैल 2023 दिल्ली पुलिस के साइबर ट्रिगर ने राष्ट्रीय राजधानी में चोरी के Mobile फोन की तस्करता करने वाले एक गिराेह का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से चोरी के 70 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

mobile phone

आरोपियों की पहचान संदीप, मोहम्मद चमन, राधे श्याम मिश्रा, अरमान अंसारी, सरबजीत सिंह, रियाज और राहुल के रूप में हुई है। उनके पास से चोरी तथा छिनती के फोन जप्त गए हैं। इस गैंग ने पिछले छह महीने में लगभग 700 फोन नेपाल भेजे हैं।

रवींद्र सिंह यादव ने बताया:

पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंह यादव ने बताया कि फोन लंबे समय तक बंद थे और देश की सीमा से बाहर भेजे गए थे। गिरोह के सदस्य करोल बाग और रोहिणी क्षेत्र में सक्रिय थे।

संदीप अपनी पहचान के लोगों के माध्यम से उन्हें नेपाल भेज देता था। पुलिस आयुक्त ने कहा, नेपाल में मोबाइल फोन मिलने के बाद वहां से उसके साथी का हवाला दिया था।

पुलिस कतार के लोगों के माध्यम से यह प्रयास किया गया कि संदीप अपने साथी के साथ आनंद बस स्टॉप पर आने वाला है। उसके पास 40-50 मोबाइल फोन हैं जिन्हें नेपाल भेजा जाएगा।

अधिकारी ने बताया:

संदीप को एक Hyundai Creta कार में चोरी के मोबाइल फोन हैंडओवर करते समय उसके साथियों चमन और राधे श्याम को पुलिस ने पकड़ा।

संदीप और चमन के पास चोरी के 30 मोबाइल फोन बरामद हुए जिन्हें एक कार्टन के पास रखा गया था। उसी समय कार की पिछली सीट पर बैठे राधे श्याम के पास से चोरी के 16 एपल फोन बरामद हुए।

पुलिस पूछताछ के दौरान:

संदीप ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई ललित के साथ काम करता था। वे दिल्ली-एन सेक्टर में अलग-अलग जगहों से अपने साथियों से चोरी के मोबाइल फोन लेते थे।

अधिकारी ने कहा कि ललित की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अपने अभिनय के साथ खुद का धंधा शुरू कर दिया। उन्होंने रोहिणी में मोबाइल फोन की एक दुकान किराए पर ली, जहां से वे अवैध रूप से काम करते थे।

उन्होंने बताया कि वह खुद यामा पार, बाहरी उत्तरी दिल्ली और एनआरसीआर से जबकि चमन रियाज नाकी और राहुल से चोरी के मोबाइल फोन लेते है।

पुलिस अधिकारी ने कहा:

इस गैंग ने पिछले छह महीने में नेपाल में अपने साथियों आशिक, किशोर महाजन और मनीष को करीब 700 मोबाइल फोन भेजे गए।

चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के बारे में सारी बातें watsapp कॉल और मैसेज से होती थी।

सौदे के बाद संदीप करोल बाग में अपने साथियों से पैसे लेता था और वह अरमान के साथ बराबर-बराबर हिस्सेदारी लेता था। उसने ने कहा, अरमान, राहुल, रियाज और सरबजीत को भी हिस्सा सौंप दिया है।

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उनके पास से भी चोरी के मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें से अधिकतर फोन बसें और दिल्ली-एनसीआर के दायरे में पाकेटमारी के हैं।

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