- नई दिल्ली, 23 नवंबर 2025 – सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) के नए Account Transparency Feature ने भारत में हंगामा मचा…
- यह फीचर अब यूजर्स को किसी भी अकाउंट की operational location दिखाता है, जिससे कई foreign-operated accounts का राज खुल गया है।
- इनमें से कुछ अकाउंट्स भारत-विरोधी नैरेटिव फैला रहे थे, जबकि खुद को भारतीय बताते थे।
नई दिल्ली, 23 नवंबर 2025 – सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) के नए Account Transparency Feature ने भारत में हंगामा मचा दिया है। यह फीचर अब यूजर्स को किसी भी अकाउंट की operational location दिखाता है, जिससे कई foreign-operated accounts का राज खुल गया है।
इनमें से कुछ अकाउंट्स भारत-विरोधी नैरेटिव फैला रहे थे, जबकि खुद को भारतीय बताते थे। खासकर Alt News जैसे फैक्ट-चेक पोर्टल पर सवाल उठे हैं, जो अमेरिका से संचालित होने का दावा हो रहा है। क्या यह foreign propaganda का खेल है या तकनीकी गड़बड़ी? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
X का नया फीचर: पारदर्शिता की नई शुरुआत
X ने हाल ही में लॉन्च किया “About this account” सेक्शन, जहां IP एड्रेस और ऐप स्टोर डेटा के आधार पर अकाउंट की geolocation दिखाई जाती है। यूजर्स इसे ऑप्ट-आउट कर सकते हैं या ब्रॉड रीजन जैसे South Asia दिखा सकते हैं।

Elon Musk की कंपनी का दावा है कि यह content authenticity बढ़ाने के लिए है। लेकिन भारत में यह फीचर anti-India propaganda फैलाने वाले अकाउंट्स को एक्सपोज कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट्स से पता चला कि कई अकाउंट्स – जो farmer protests, communal tensions और government criticism पर भड़काऊ पोस्ट करते थे – असल में USA, Bangladesh, Hong Kong या Australia से चलाए जा रहे हैं। Hindivishwanews की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर सरकार की पुरानी चेतावनियों को सही साबित कर रहा है, जब Kisan Andolan के दौरान विदेशी हाथ का जिक्र किया गया था।
Alt News का अमेरिकी कनेक्शन: प्रोपेगेंडा या VPN का खेल?
सबसे बड़ा झटका Alt News को लगा। यह पोर्टल खुद को Indian fact-checker बताता है, लेकिन फीचर में इसका लोकेशन United States दिखा। संस्थापक Mohammed Zubair और Prateek Sinha पर पहले भी biased reporting के आरोप लगे हैं। Zubair को कई बार fake news फैलाते पकड़ा गया, जैसे प्रियंका चतुर्वेदी से जुड़ी फर्जी स्टोरी।
You gotta be kidding me
Alt News handle is operated from the USA
We have always said Zubair is just Indian face to fool Indians, Foreign powers are behind Alt News pic.twitter.com/o1kMJoMzhe
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) November 23, 2025
hindivishwanews की जांच में पाया गया कि Alt News से जुड़े अकाउंट्स US-based हैं, जबकि वे भारत के मुद्दों पर anti-Hindu या anti-government नैरेटिव चलाते हैं। क्या यह foreign funding का मामला है? NIA और MHA को टैग करते हुए यूजर्स सवाल उठा रहे हैं। Alt News ने अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, लेकिन संदेह है कि VPN इस्तेमाल से लोकेशन छिपाने की कोशिश की गई।
इसी तरह, Annushi Tiwari (@Kussikhuelafn) अकाउंट Bangladesh से चल रहा, जो Hindu-Muslim divide फैलाता था।

Indian Muslim Archive (@Rustum_0) South Asia से ऑपरेटेड, misleading history पोस्ट करता। ExposeIT और Tractor2twitr_P जैसे हैंडल्स USA और Australasia से Punjab unrest भड़काते पाए गए। ये अकाउंट्स Khalistan narrative या caste conflicts को हवा देते थे। ( टिप: hindivishwanews इस तरह के propaganda का समर्थन नहीं करता।)
Guys .
It’s not just Bangladesh Paki, china Nepal, India is also part of South Asia. I raise my voice for Dalits, minorities, and every vulnerable Indian. If this is wrong, then please tell me.
India is also South Asia, and my love for India is greater than all of you https://t.co/Alk3EDfA15— Annushi Tiwari🇮🇳 (@Kussikhuelafn) November 23, 2025
सरकार की चेतावनी सही साबित: विदेशी हाथ का खुलासा
2020-21 के किसान आंदोलन में PM Modi सरकार ने कहा था कि कई अकाउंट्स foreign servers से चलाए जा रहे। अब X feature ने इसे कन्फर्म किया। Tractor2twitr जैसे बैन अकाउंट्स के क्लोन Australia से Sikh identity पर उकसावे वाली पोस्ट कर रहे। IT Minister Ashwini Vaishnaw को टैग कर यूजर्स मांग कर रहे हैं कि ऐसे अकाउंट्स पर strict action हो।
यह फीचर national security के लिए वरदान साबित हो रहा। Hong Kong से चलने वाले अकाउंट्स भारत की global image खराब कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि disinformation campaigns विदेशी एजेंसियों द्वारा चलाए जाते हैं, जो social unrest पैदा करते हैं।
सोशल मीडिया पर बवाल: यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
इस फीचर से right-wing यूजर्स उत्साहित हैं, जबकि left-leaning ग्रुप्स privacy concerns उठा रहे। कुछ का दावा है कि pro-India bots भी एक्सपोज हो गए, जिसके बाद कई सस्पेंड हो गए। Elon Musk ने कहा, “Transparency builds trust.” लेकिन भारत में बहस है: क्या यह state pressure का नतीजा है?
निष्कर्ष: पारदर्शिता ही सुरक्षा की कुंजी
X Account Transparency Feature ने साबित कर दिया कि social media पर fake identities खतरा हैं। Alt News जैसे मामलों से foreign interference साफ है। सरकार को stricter regulations लाने चाहिए, ताकि digital sovereignty बनी रहे। क्या आपका फेवरेट अकाउंट भी एक्सपोज होगा? कमेंट्स में बताएं!




