- नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025, दोपहर 03:16 बजे IST: आज एक ऐतिहासिक पल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् के 150वें…
- इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष वेबसाइट vandemataram150.in का शुभारंभ किया, जो हर भारतीय को अपनी आवाज में इस अमर राष्ट्रगीत को…
- यह पहल भारत की स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् के योगदान को याद करने और युवा पीढ़ी को इसके साथ जोड़ने के…
नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025, दोपहर 03:16 बजे IST: आज एक ऐतिहासिक पल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् के 150वें (vandemataram150) वर्षगांठ समारोह की शुरुआत की है। इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष वेबसाइट vandemataram150.in का शुभारंभ किया, जो हर भारतीय को अपनी आवाज में इस अमर राष्ट्रगीत को गाने और रिकॉर्ड करने का अवसर प्रदान करेगा।
यह पहल भारत की स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् के योगदान को याद करने और युवा पीढ़ी को इसके साथ जोड़ने के लिए शुरू की गई है। आइए इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
वंदे मातरम् 150वीं वर्षगांठ: एक राष्ट्रीय उत्सव
वंदे मातरम्, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में अपने पत्रिका बंगदर्शन में पहली बार प्रकाशित किया था, भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया। इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया और आज भी देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X पोस्ट में कहा, “आज वंदे मातरम् के 150 वर्षों से जुड़ी वेबसाइट का शुभारंभ कर बहुत प्रसन्नता हुई है। अब प्रत्येक देशवासी अपनी आवाज में इस अमर गीत को गाकर उससे आत्मीय जुड़ाव महसूस कर सकता है।” यह वेबसाइट 7 नवंबर 2025 से शुरू होकर 2026 तक चलने वाले एक वर्षीय राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा है।
vandemataram150.in: जन भागीदारी का मंच
vandemataram150.in एक अनोखा डिजिटल मंच है, जहां लोग वीडियो रिकॉर्डिंग अपलोड कर सकते हैं और वंदे मातरम् को अपनी शैली में गा सकते हैं। लॉन्च के कुछ घंटों के भीतर ही इस वेबसाइट पर 12,900 से अधिक सबमिशन प्राप्त हो चुके हैं, जो इस पहल की लोकप्रियता को दर्शाता है। इस मंच का उद्देश्य देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। वेबसाइट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं, और स्मारक सिक्के व डाक टिकट जारी करने की भी योजना है, जो इस गीत के ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाएगी।

राष्ट्रीय समारोह की खासियतें
इस एक वर्षीय समारोह में कई गतिविधियां शामिल हैं, जैसे:
•वंदे मातरम् गायन प्रतियोगिताएं स्कूलों और कॉलेजों में।
•स्मारक सिक्के और डाक टिकट का विमोचन, जो देश की स्वतंत्रता की याद दिलाएंगे।
•देश भर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जो भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देंगे।
यह पहल न केवल वंदे मातरम् के इतिहास को जीवंत करेगी, बल्कि अगली पीढ़ी को भी प्रेरित करेगी। रबींद्रनाथ टैगोर और सुरदास पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस गीत को गाकर इसे और लोकप्रिय बनाया था, और अब यह डिजिटल युग में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
X पोस्ट और जन प्रतिक्रिया
वन्देमातरम् के सामूहिक गान के हर स्वर में राष्ट्रभक्ति, एकता और समर्पण की अद्भुत गूंज सुनाई दे रही थी। इस प्रस्तुति ने हर किसी को एक बार फिर यह अनुभव कराया कि वंदेमातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है। pic.twitter.com/edq7j6sBAa
— Narendra Modi (@narendramodi) November 7, 2025
प्रधानमंत्री मोदी के X पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। उनके पोस्ट के जवाब में कई यूजर्स ने अपनी खुशी जाहिर की है। उदाहरण के लिए, @kamleshdabhhi
ने लिखा, “यह अद्भुत पहल हर भारतीय को वंदे मातरम् की भावना से जोड़ेगी।” वहीं, @Paridhi023
ने कहा, “यह युवा पीढ़ी को हमारे समृद्ध इतिहास से जोड़ेगी।” कुछ यूजर्स ने पुराने वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं, जैसे लता मंगेशकर का वंदे मातरम् गाना और स्कूली बच्चों का सामूहिक गायन।
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
वंदे मातरम् को 1896 में रबींद्रनाथ टैगोर ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र में गाया था, जिसके बाद यह स्वतंत्रता आंदोलन का नारा बन गया। ब्रिटिश शासकों ने इस गीत पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, लेकिन यह और लोकप्रिय हो गया। 1950 में भारत गणतंत्र बनने के बाद इसे अनौपचारिक रूप से राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया। यह गीत न केवल एक धुन है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गर्व का प्रतीक है।
भविष्य की दिशा
vandemataram150.in के जरिए सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक का उपयोग करके राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देना है। इस पहल से देश के कोने-कोने से लोग जुड़ सकेंगे और अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकेंगे। आने वाले दिनों में और भी कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी, जो इस समारोह को और भव्य बनाएंगे।
वंदे मातरम् 150th Anniversary Celebration भारत के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल ने वंदे मातरम् को नई पहचान दी है। vandemataram150.in पर जाएं और अपनी आवाज में इस गीत को रिकॉर्ड करें, ताकि आप भी इस राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बन सकें। जय हिंद! जय भारत!




