जोहान्सबर्ग, 22 नवंबर 2025: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 Summit के पहले सत्र में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वैश्विक विकास मॉडल पर गहन पुनर्विचार की वकालत की।
अफ्रीका महाद्वीप द्वारा पहली बार होस्ट किए जा रहे इस G20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने इंटीग्रल ह्यूमनिज्म (Integral Humanism) के सिद्धांत को आधार बनाकर समावेशी और सतत विकास की दिशा में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए। यह सम्मेलन न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देगा, बल्कि ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज को मजबूत करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

पीएम मोदी का यह दौरा भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। कल ही जोहान्सबर्ग पहुंचे प्रधानमंत्री का भारतीय प्रवासी समुदाय ने भव्य स्वागत किया, जहां उन्होंने पारंपरिक दक्षिण अफ्रीकी नृत्य और गीतों के बीच गर्मजोशी से अभिवादन स्वीकार किया।
Here are highlights from the welcome yesterday in Johannesburg…
Looking forward to taking part in the G20 Summit proceedings today. pic.twitter.com/kLbR7Srmg3
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
सम्मेलन स्थल पर पहुंचते ही पीएम मोदी को वैश्विक नेताओं के साथ हार्दिक मुलाकातों का मौका मिला, जिसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी दोस्ताना बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
जोहान्सबर्ग सत्र में पीएम मोदी का विकास मॉडल पर पुनर्विचार:
G20 Summit के इस सत्र का आधार था ‘समावेशी और सतत आर्थिक विकास: किसी को पीछे न छोड़ना’। पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान विकास मॉडल ने प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया है और बड़े आबादी वाले हिस्सों को संसाधनों से वंचित रखा है, खासकर अफ्रीका में। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफ्रीका की प्रगति वैश्विक प्रगति का मूल आधार है।
भारत की सभ्यतागत मूल्य, विशेष रूप से इंटीग्रल ह्यूमनिज्म (Integral Humanism), मानव-केंद्रित विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह सिद्धांत, जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित है, समग्र विकास पर जोर देता है – जहां आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण जुड़े हों।
प्रधानमंत्री ने चार क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किए, जो G20 के एजेंडे को नया आयाम देंगे:
1. जी20 ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी (G20 Global Traditional Knowledge Repository)
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधार बनाकर एक वैश्विक डिजिटल भंडार का निर्माण। यह प्लेटफॉर्म प्राचीन ज्ञान प्रणालियों – जैसे आयुर्वेद, योग और पारंपरिक कृषि – को संरक्षित करेगा, जो स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देगा। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सामूहिक बुद्धिमत्ता को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।” यह प्रस्ताव इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (Indian Knowledge Systems) पर आधारित है और यूनेस्को के साथ साझेदारी में विकसित हो सकता है।
2. जी20-एफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव (G20-Africa Skills Multiplier Initiative)
अफ्रीका के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘ट्रेन द ट्रेनर्स’ मॉडल। अगले दशक में 10 लाख प्रमाणित ट्रेनर्स तैयार करने का लक्ष्य। भारत, जो अपनी स्किल इंडिया योजना से प्रेरित है, इस पहल में नेतृत्व करेगा। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि भारत की G20 प्रेसिडेंसी (2023) के दौरान ही अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता मिली थी, जो इस साझेदारी की मजबूती दर्शाता है।
3. जी20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम (G20 Global Healthcare Response Team)
स्वास्थ्य आपातकाल और प्राकृतिक आपदाओं के लिए त्वरित प्रतिक्रिया इकाई। G20 देशों के प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी, जो किसी भी संकट में 48 घंटों के अंदर तैनात हो सकेगी। कोविड-19 महामारी के सबक से प्रेरित यह प्रस्ताव वैक्सीन मैत्री (Vaccine Maitri) की भावना को आगे बढ़ाएगा।
4. जी20 इनिशिएटिव ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस (G20 Initiative on Countering the Drug-Terror Nexus)
नशीली दवाओं, विशेषकर फेंटेनिल जैसे घातक सिंथेटिक ड्रग्स, के प्रसार और आतंकवाद के वित्तपोषण पर वैश्विक हमला। (Tip: HVN Media घातक ड्रग्स और आतंकवाद को condemn करता है) वित्तीय, शासन और सुरक्षा उपकरणों का एकीकृत उपयोग कर तस्करी नेटवर्क को तोड़ा जाएगा। पीएम मोदी ने कहा, “चलो इस दुष्ट ड्रग-टेरर अर्थव्यवस्था को कमजोर करें!”
ये प्रस्ताव न केवल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (Sustainable Development Goals) को मजबूत करेंगे, बल्कि क्लाइमेट फाइनेंस (Climate Finance) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Infrastructure) जैसे मुद्दों पर भी फोकस करेंगे।
Spoke at the first session of the G20 Summit in Johannesburg, South Africa, which focussed on inclusive and sustainable growth. With Africa hosting the G20 Summit for the first time, NOW is the right moment for us to revisit our development parameters and focus on growth that is… pic.twitter.com/AxHki7WegR
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
G20 Summit में अमेरिका के बहिष्कार के बावजूद – जो दक्षिण अफ्रीका के साथ कूटनीतिक तनाव से उपजा – सम्मेलन ने मल्टीलेटरलिज्म (Multilateralism) की ताकत दिखाई। भारत ने IBSA (India-Brazil-South Africa) फोरम के माध्यम से दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा दिया।
पीएम मोदी की यह पहल वैश्विक मंच पर मोदी डॉक्ट्रिन (Modi Doctrine) का उदाहरण है – जहां भारत न केवल भागीदार है, बल्कि दिशा-निर्देशक भी। 2023 की अपनी G20 प्रेसिडेंसी में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ थीम के साथ भारत ने अफ्रीका को मुख्यधारा में लाया था। अब जोहान्सबर्ग से निकलने वाली यह आवाज ग्लोबल साउथ की एकजुटता को मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रस्ताव UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट एजेंडे को प्रभावित करेंगे।
सम्मेलन स्थल की भव्यता देखने लायक है। ज्यामितीय (geometric) आकारों वाली छतें, रंग-बिरंगे झंडे और फूलों से सजी मेजें – सब कुछ अफ्रीकी संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है। पीएम मोदी की तस्वीरें, जहां वे मेलोनी के साथ हंसते-बोलते नजर आ रहे हैं, सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।
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